Thursday, 30 November 2017

आज का गीता पाठ--9



व्यक्ति बड़ा होता है
खून सभी का लाल.
सोच हमारी मानसिकता
अवरूद्ध करे बेडि़यां डाल
2/80

जीवन का मानक नहीं कभी ,
हीरे जवाहरात सोना है
मिलते खोते वक्त बीतता,
क्या इसके लिए रोना है!
2/81
आज जो मेरा है ,
कल तेरा बन जायेगा ,
किस्मत उसकी चलना है
छोड़ साथ वह जायेगा.
I2/82


हंसी का पात्र बने हम सब
समझबूझ सब रखते हैं
श्मशानघाट  पे जा के देखो
जीवन का मर्म समझते हैं
2/83

धर्म का मार्ग न्यायकारी

अधर्म वेष बदलता है I

गुमराह करे ये चुपके से,

साथ धर्म के चलता है

2/84

 

कमजोरी कापुतला इंशा

कमजोरी  गुलाम  बनाती है I

नहीं चाहते करता वो ,

कमजोरी सदा सताती है

2/85

मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(
अर्चना राज)
शेष कल

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