Tuesday, 19 June 2018

101-----आज का गीता जीवन पथ



17वां अध्याय 
Chapter 17*
__Choosing the right over the pleasant is a sign of power_
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(
1 7वां अध्याय समर्पित है सभी वन रक्षक व वन अधिकारियों के नाम; जिनकी मेहनत से देश -विदेश हरा -भरा रहता है ,और हम सभी को प्रेरित  करते हैं)
देव ही जाने ब्रह्म भी जाने
मात-पिता का रखते ध्यान
ज्ञान बांटते संसार में वे
सम्मान भी देते ;बूढ़े बच्चे और जवान
17/1365
उद्वेग ना दिल में लाते वे
प्रिय हितकारी मनसा उनकी
 जो अनुभव करते कहते
ना शंका दिल में रहती उनकी
17/1366
वेद शास्त्र का पठन पाठन
परमेश्वर जप का माध्यम
अभ्यास वे करते दिन और रात
सच्चा है उनका अध्यात्म
17/1367
मन की प्रसन्नता शांत भाव
भगवन चिंतन उनका स्वभाव
मन का निग्रह;अंतःकरण शुद्ध
तप भी होता मन के भाव
17/1368
फल की इच्छा कोसों दूर
तप ये सात्विक तीन है
 धोखा फरेब न इन में होता
ये इच्छाओं से हीन है
17/1369
कुछ पाने की इच्छा होती!
 पूजा ,मन , तप, सत्कार भले
राजस तप वे करते हैं
अल्पकाल का चाहे; फल मिले
17/1370
पाखंड भाव उनमें विद् –मान
 स्वार्थ की वस् वे करते हैं
 पाना उनकी मंशा होती
 झोली अपनी भरते हैं
17/1371
दान भी देना है पावन
समझो, सुपात्र को तुम
अभाव बने जिन चीजों का
देना दान उन्हीं को तुम
17/1372
समय परिस्थिति देशकाल
स्थित हमको सत्य बताती
 उसी हिसाब से देना दान
मिटे गरीबी यह समझाती
17/1373
कभी-कभी दवा व औषध
इनकी भी जरूरत पड़ती है
दिल खोल कर देना दान-दक्षिणा
 जान लोगों की ब चती है
17/1374
सत  का अर्थ जानो,पार्थ
 नाम उसी का संबोधन
जाप करें जब हम उनका (भगवान)
 खिलता इससे मन मन
17/1375
भाव सत्य व श्रेष्ठ तुम्हारा
जीवन में कल्याण करो
सात्विक कर्म को करना है
 भला सभी का तुम करो
17/1376
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(
अर्चना राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद खुद समाप्त हो जायेगा
 (God is omnipotent, omniscient and omnipresent)

शेष कल

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