ले के धर्म का नाम,
बढ़ता चलता अधर्म यहाँ ,
लहू का प्यासा जीवों का,
इसको कैसी शर्म यहाँ
2/86
कमजोरी का फायदा ,
ले ता हुआ यहाँ खड़ा,
देख यहाँ मुस्काता,
भाई को भाई से लड़ा
2/87
धर्म बनेगा कमजोर यहाँ ,
जब -2 होगी धर्म की हानी,
इसकी रक्षा करने की ,
ताकत
वीरों से आनी
2/88
जरा चूक हुई, भूल हुई,
अधर्म पैर पसारे,
सदियों तक लड़ना होता
है,
कष्ट उठाते हैं सारे
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सोच समझ की शक्ति पंगु
अर्जुन रहा ढोल का ढोल ,
बार - बार माधव समझाते ,
निकलें बच्चों जैसे बोल
2 मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
शेष कल

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