Sunday, 6 May 2018

72--आज का गीता जीवन पथ



बारहवां अध्याय 
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(समर्पित है देश की प्रैस  के नाम ;IV PILLAR; इतनी असुरक्षा और PRESSING SITUATIONS के मध्य उनकी महनत व परिश्रम के प्रतिफल न केवल हम जागररू्क और अप- टू-डेट रहते है ,हम उनकी सेवाओ से  प्रेरित व गौरवान्वित भी होते हैं)
 स्वतन्त्र जीव हैं जग में ,
धरा है,तेरी एक परीक्षा
कर्त्तव्य परायण बन जा तू
न पल-2 बदले मन की इच्छा
12/1037
त्यागो स्वार्थ हे ,पार्थ!
आश्रय ईश्वर का तू ले,
तन,मन ,धन समर्पिति
श्रद्धा से ईश्वर में रंग ले
12/1038
ना मांगे ईश्वर तुम से कुछ,
 देता है वो सबको
श्रद्धा मन में रखना तुम
असीम शान्ति ;मिलेगी तुमको
12/1039
ईश्वर भाव का भूखा है,
 भक्त को माने स्वयं से बढ़कर ,
एक बार करके तो देख
खुशी मिलेगी जीवन भर
12/1040
ऐसा ना कर पाओ, अर्जुन
विकल्प खुले हैं इसी जहां
जीत लेा मन ,बुद्धि को तुम
जीना तेरा होगा ;सफल यहां
12/1041
मुझे प्राप्त होगा तू,
 रोक ना कोई पायेगा,
इसी जहां में नाम तू अपना ,
अमर सदा कर जायेगा
12/1042
मर्म ना  जाने ! ,अभ्यास तू कर ,
ज्ञान श्रेष्ठ है  अर्जुन
 ध्यान लगा तू परम-बृहम
तू जीवन सफल करेगा अर्जुन
12/1043
श्रेष्ठ  ज्ञान यही है ,अर्जुन
राह सही दिखाता है
पल दो पल की चंद सांसे हैं
अन्त हमें क्या लाता है ?
12/1044
कर्म से विमुख ना होना ,
इच्छा फल की  न करना
श्रद्धा-लगन कर्म में रखना ,
जा !सफल तू जीवन अपना करना
12/1045
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(
अर्चना राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद खुद समाप्त हो जायेगा

 शेष कल
(God is omnipotent, omniscient and omnipresent)

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