जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(समर्पित है देश engineers and technocrats के नाम ; इतना जोखिम और परेशानी के मध्य अप नी महनत व परिश्रम के प्रतिफल न केवल अनगिनत प्रोजेक्ट्स को पूरर्ण करते रहते है,बल्कि ,हम उनकी सेवाओ से प्रेरित व गौरवान्वित भी होते हैं)
सबका भला हो !
(समर्पित है देश engineers and technocrats के नाम ; इतना जोखिम और परेशानी के मध्य अप नी महनत व परिश्रम के प्रतिफल न केवल अनगिनत प्रोजेक्ट्स को पूरर्ण करते रहते है,बल्कि ,हम उनकी सेवाओ से प्रेरित व गौरवान्वित भी होते हैं)
श्रवण, परायण, पुरुष जगत में !
औरो से वे सुनते हैं ,
जो कहते ,वे करते हैं
ह्दय में धारण करते हैं
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परम तत्व को जिसने जाना ,
मर्म जीवन का वो जाने,
जगत हैं क्षण
भंगुर
सत्य ,!
यही है सत्य वो जाने
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सार जगत का शून्य ,!
ये संसार है माया लोक ,
जीवन है अल्पकाल का
छाया जगत में केवल शोक
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रूप आत्मा परमात्मा ,उप द्रष्य ,अनुगन्ता , !
वही जगत का पालनहारी हैं !
ईश्वर भोक्ता शुद्ध सच्चिदानन्द!
दुनिया जिससे हारी है
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जीवन में कहाँ चैन रखा ?
भटक रहे हैं. दर -2 सब !
माया लोक का है जंजाल
चैन मिलेगा हमको कब?
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जीवन मरण यहीं बंधा है
खेल है बड़ा अजीब !
निश्चित नियम जहां में मिलते
जड़ भी होते ,देखे ,सजी व
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दिल जिनका है साफ स्वच्छ
दिल से उपासना करते है
भवसागर में नहीं भटकते
प्रभु भी उन की सुनते है
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क्षेत्र क्षेत्रक का संयोग मा त्र
उत्पन्न सभी को उनसे मान
सृज़न- विनाश का क्रम चलता
सत्य इसी को (तू)अर्जुन जान
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जग में अल्पकाल का फेरा है
कभी न कोई स्थायी
नाशवान ;सब नश्ट प्राप्य
यही जगत की सच्चाई
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ध्यानी ध्यान लगाता है
समभाव वो दिल में रखता
है
नाशवान ना ईश्वर है
सच को वो समझता है
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ज्ञानी जीवन सार को समझे
दृष्टि उसी की सम है
ना ही शोक मरने पर,
ना ही दिल में गम है
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मौत बदन को आती है
परम तत्व परमेश्वर हैं !
रूह के रूप में रहती है
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जिसने सच को जान लिया ,
कभी ना,
वो
मरता है
रूप बदलता जीवन है
रूह का जलवा रहता है
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मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा
शेष कल
(God
is omnipotent, omniscient and omnipresent)

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