Saturday, 19 May 2018

82-----आज का गीता जीवन पथ


                               तेरहवां अध्याय 
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(
समर्पित है देश engineers and technocrats के नाम ; इतना जोखिम और परेशानी  के मध्य अप नी महनत परिश्रम के प्रतिफल केवल अनगिनत प्रोजेक्ट्स को पूरर्ण करते   रहते है,बल्कि ,हम उनकी सेवाओ से प्रेरित गौरवान्वित भी होते हैं)


श्रवण, परायण, पुरुष जगत में !
औरो से वे सुनते हैं ,
जो कहते ,वे करते हैं
ह्दय में धारण करते हैं
13/1140
परम तत्व को जिसने जाना ,
मर्म जीवन का वो जाने,
 जगत हैं क्षण भंगुर सत्य ,!
यही है सत्य वो जाने
13/1141
सार जगत का शून्य ,!
ये संसार है माया लोक ,
जीवन है अल्पकाल का
छाया जगत में केवल शोक
13/1142
रूप आत्मा परमात्मा ,उप द्रष्य ,अनुगन्ता , !
वही जगत का पालनहारी हैं !
ईश्वर भोक्ता शुद्ध सच्चिदानन्द!
 दुनिया जिससे हारी है
13/1143

जीवन में कहाँ चैन रखा ?
भटक रहे हैं. दर -2 सब !
माया लोक का है जंजाल
चैन मिलेगा हमको कब?
13/1144
जीवन मरण यहीं बंधा है
 खेल है बड़ा अजीब !
निश्चित नियम जहां में मिलते
 जड़ भी होते ,देखे ,सजी
13/1145
दिल जिनका है साफ स्वच्छ
दिल से  उपासना करते है
भवसागर में नहीं भटकते
प्रभु भी उन की सुनते है
13/1146
क्षेत्र  क्षेत्रक  का  संयोग मा त्र
उत्पन्न सभी को उनसे मान
सृज़न- विनाश का क्रम चलता
सत्य इसी को (तू)अर्जुन जान
13/1147
जग में अल्पकाल का फेरा है
कभी कोई स्थायी
नाशवान ;सब नश्ट प्राप्य
यही जगत की सच्चाई
13/1148
ध्यानी ध्यान लगाता है
समभाव वो दिल में रखता है
नाशवान ना ईश्वर है
सच को वो समझता है
13/1149
ज्ञानी जीवन सार को समझे
 दृष्टि उसी की सम है
ना ही शोक मरने पर,
 ना ही दिल में गम है
13/1150
 ना ही सोचता, वो मरता है ,
मौत बदन को आती है
परम तत्व परमेश्वर हैं !
रूह के रूप में रहती है
13/1151
जिसने सच को जान लिया ,
कभी ना, वो मरता है
रूप बदलता जीवन है
रूह का जलवा रहता है
13/1152

मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद खुद समाप्त हो जायेगा

शेष कल
(God is omnipotent, omniscient and omnipresent)

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