Monday, 11 June 2018

94------आज का गीता जीवन पथ



15वां अध्याय 
Chapter 16*
_Being good is a reward in itself
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(
1 6वां अध्याय समर्पित है सभी ग्रहणी एवं कामकाजी महिलाओं के लिए जिनकी मेहनत से घर परिवार चलते हैं और हम सभी को प्रेरित  करते हैं)
अर्जुन ,व्यक्ति हमेशा अच्छा
 भय का रहता जिसमें अभाव
अंतःकरण है निर्मल ,पावन
स्वयं बढ़ाता  है सद्भाव
16/1296
दृढ़ संकल्पित तत्व को जाने
 अपना जीवन करें समर्पित
दान-दक्षिणा ,प्रेम ,विश्वास
सेवा पूजा करता अर्पित
16/1297
अग्नि होंत्र,उत्तम कर्म में लीन
 वेदों का ज्ञान, आचरण अच्छा
 संकीर्तन प्रभु का करता है
व्यक्ति वही है सच्चा
16/1298
जिसने धर्म को खूब निभाया
कष्ट सहे शरीर पर अपने
अंतकरण सरल है उसका
नाम किया है जग में उसने
16/1299
मन से शुद्ध ,मधुर है वाणी
कष्ट किसी को नहीं दिया
प्रिय संवाद उपकार करें
क्रोध कभी ना उसने किया
16/1300
अभिमान करे ना कभी भी
त्याग है कर्तापन का जिसमें
चित्त ना चंचल उसका है
 निंदा भाव दूर है उसमें
16/1301
दया भाव उमड़ पड़े
आसक्ति का रहे अभाव
 व्यर्थ चेष्टा रास ना आए
सच्चा ज्ञान ना de तनाव
16/1302
 संघर्ष ,हर हर्ष ,विषाद
तटस्थ वो रहता है
पापी चले ले झूठ सहारा
ना बात में उसकी बहता है
16/1303
तेज चमकता है उससे
प्रभाव तेज से रहता है
तेज बनाता महान उसे
 तेज संसार में रहता है
16/1304
 पार्थ सुनो तुम दुनिया में
दानव वृत्ति उस मानव की
 दंभ घमंड अभिमान क्रोध
चालें उसकी दानव की
16/1305
देवी संपदा दुनिया में
मुक्ति का मार्ग दिखाती है
दानव वृत्ति इस जहां में
बंधन में उलझाती है
16/1306
अध्याय समाप्त

मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(
अर्चना राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद खुद समाप्त हो जायेगा
 (God is omnipotent, omniscient and omnipresent)

शेष कल

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