16वां अध्याय
Chapter 16*
_Being good is a reward in itself
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(1 6वां अध्याय समर्पित है सभी ग्रहणी एवं कामकाजी महिलाओं के लिए जिनकी मेहनत से घर परिवार चलते हैं और हम सभी को प्रेरित करते हैं)
सबका भला हो !
(1 6वां अध्याय समर्पित है सभी ग्रहणी एवं कामकाजी महिलाओं के लिए जिनकी मेहनत से घर परिवार चलते हैं और हम सभी को प्रेरित करते हैं)
सुनो ध्यान से तुम ,अर्जुन
देवी संपदा तेरे पास
भय को ना धारण कर
समझो !इस पर करो विश्वास
16/1307
वक्त आ गया है अब
शोक, भय का त्याग कर
गांधीव उठा, तू आगे बढ़
देर करो ना ,युद्ध कर
16/1308
गुड को जानो तुम विस्तार से
मैंने तुम्हें बताया
दानव वृत्ति को भी समझो
कथन ना पूरा मैंने तुम्हें सुनाया
16/1309
प्रवृत्ति निवृत्ति है समझ से दूर
अंतःकरण ना शुद्ध है उसका
श्रेष्ठ आचरण ,क्या भाषण है
ना जेहन कोई (उसका )जान
सका
16/1310
जिसकी प्रवृत्ति रहे आसुरी
काम को जिसने चिंतन माना
बना संयोग है जन्म का कारण
उसने केवल इतना जाना
16/1311
ना ही ईश्वर ,ना ही आश्रय
चिंतन उसका बढ़ता ना
काम को जाने अंतिम सत्य
अन्याय में वो गिरता जा
16/1312
ज्ञान है मिथ्या अज्ञानी का
मानव से मानवता को खतरा बड़ा
गठरी पाप की बढ़ती है
भरता जाता उसका घड़ा
16/1313
उपकार के बदले अपकार
खून का प्यासा ,प्यासा है
कर्म क़्रूर उस अज्ञानी का
पागल उसके जैसा है
16/1314
विश्व में सब का शत्रु है
मानवता को खतरा है
ज्ञान को अब तक ना समझा
अपना बदलता पैंतरा है
16/1315
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा
(God is omnipotent, omniscient and
omnipresent)
शेष कल

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