Saturday, 16 June 2018

98----आज का गीता जीवन पथ



16वां अध्याय 
Chapter 16*
_Being good is a reward in itself
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(
1 6वां अध्याय समर्पित है सभी ग्रहणी एवं कामकाजी महिलाओं के लिए जिनकी मेहनत से घर परिवार चलते हैं और हम सभी को प्रेरित  करते हैं)
 मन माना आचरण है जिनका
 त्याग करें जो शास्त्र विहित
परम सिद्ध ना कभी मिले
सुख ना रहता उनमें निहित
16/1340
कर्तव्य अकर्तव्य का भेद जहां में ,
कल्याण मार्ग ;शास्त्र प्रमाण भरोसा
कल्याण मार्ग है करने योग्य
ज्ञान शास्त्र ने हमें परोसा
16/1341
कर्म आचरण सोच हमारी
कभी पंगु बन सकती
 मानव का कल्याण करो ,पार्थ !
यही शास्त्र की नियत मिलती
16/1342
अध्याय समाप्त

मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(
अर्चना राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद खुद समाप्त हो जायेगा
 (God is omnipotent, omniscient and omnipresent)

शेष कल

No comments:

Post a Comment

गीता जीवन पथ: 117----- आज का गीता जीवन पथ

गीता जीवन पथ: 117----- आज का गीता जीवन पथ : 18वां अध्याय  *Chapter 18* _Let Go, Lets move to union with God_ जय श्री कृष्णा. सबका भल...